Emotional Shayari in Hindi

 Emotional Shayari

किसी भी इंसान का प्यार जब उस से दूर होता होता है, चाहे वो किसी भी वजह से हो और वो इंसान कितना भी मजबूत होने का नाटक करे अगर वो सच्चा प्यार करता है तो Emotional  होगा ही साथ साथ दर्द भी बहुत होता है। इसी दर्द की हलकी फुलकी झलकी दिखने वाली है आपको आज की हमारी Emotional Shayari कलेक्शन में।  जिसे कई लोग Dard Bhari Shayari के नाम से भी जानते है।  नाम कुछ भी हो बात एक ही है।  कुल मिला के अगर अपने भी किसी से सच्चा प्यार किया है तो आप झरूर इस Emotional shayari कलेक्शन से relate कर पाएंगे।


तुमने कहा था हर शाम हाल पूछा करेंगे,
बदल गए हो या तुम्हारे यहाँ शाम नहीं होती..!
Emotional Shayari
Tumne kaha tha har shaam hal puchha karenge,
Badal gaye ho yaa tumhare yahan shaam nahi hoti..!

कब्र पर कब्र बन रही है मेरी,
एक शक़्श पर बार बार मर रहा हूँ मै..!
Emotional Shayari
Kabr par kabr ban rahi hai meri,
Ek shaqsh par baar baar mar raha hun mai..!

इतने बेवफा नहीं हैं जो तुम्हे भूल जायेंगे,
अक्सर चुप रहने वाले प्यार बहुत करते हैं..!
Emotional Shayari
Itne bewafa nahi hain jo tumhe bhool jayenge,
Aksar chup rehene wale pyaar bahut karte hain..!
(Emotional Shayari)

उलझा हूँ तुझमे ऐसे के अब,
सुलझने को दिल ही नहीं करता ..!
Emotional Shayari
Uljha hun tujhme aise ke ab,
Sulajhne ko dil hi nahi karta ..!

यह कैसी कशमकश है ज़िन्दगी में,
किसी को ढूँढ़ते हैं हम किसी में..!
Emotional Shayari
Yah kaisi kashmkash hai zindagi me,
Kisi ko dhoondte hain hum kisi me..!

तुमसे दूर जाने की हिम्मत नहीं मुझमें,
पास रहूँ ऐसा नसीब नहीं मेरा..!
Emotional Shayari
Tumse door jane ki himmat nahi mujhme,
Paas rahun aisa naseeb nahi mera..!
(Emotional Shayari)

फ़िक्र रहती है तुझे किसी और की मुझसे ज्यादा,
खैर, महोब्बत भी तो तू करता है उसे मुझसे ज्यादा..!
Emotional Shayari
Fikr reheti hai tujhe kisi or ki mujhse jyada,
Khair, mahobbat bhi to tu karta hai usey mujhse jada..!

मत होना मेरे इश्क़ में आरामपसंद इस कदर,
मै तो चाँद भी खरीदकर आसमा में लगा देता हूँ..!
Emotional Shayari
Mat hona mere ishq me aaraampasand is kadar,
Mai to chaand bhi khareedkar aasma me laga deta hun..!

मुझसे मिलने आना तो खुद के किरदार में आना,
ये चहरे परख लेने की बुरी आदत है मुझे..!
Emotional Shayari
Mujhse milne ana to khud ke kirdaar me ana,
Ye chehere parakh lene ki buri adat hai mujhe..!

कोई जब पूछ बैठेगा खामोशी का सबब तुमसे,
बहुत समझाना चाहोगे मगर समझा न पाओगे...!
Emotional Shayari
koi jab poochh baithega khaamoshee ka sabab tumase,
bahut samajhaana chaahoge magar samajha na paoge...!
(Emotional Shayari)

उनसे कह दो सजा कुछ कम कर दे हमारी,
पेशे से मुजरिम नहीं हम गलती से इश्क कर बैठे हैं..!
Emotional Shayari
unse kah do saja kuchh kam kar de hamaaree,
peshe se mujarim nahin ham galatee se ishk kar baithe hain..!

सोचता हूँ की कभी भी तुझे याद न करूँ,
फिर सोचता हूँ एक ये तो फ़र्क़ रेहने दू हम दोनों में..!
Emotional Shayari
Sochta hun ki kabhi bhi tujhe yaad na karun,
Fir sochta hun ek ye to fark rehene du hum dono me..!

बुरा तो यहाँ हर कोई है जनाब,
फ़रिश्ते तो न तो तुम हो ना हम हैं..!
Emotional Shayari
Bura to yahan har koi hai zanab,
Farishte to na to tum ho na hum hain..!

मोहब्बत कहिये या भरोसा कहिये,
तेरी हर बात पर आमीन कहा हमने...!
Emotional Shayari
Mohabbat kahiye ya bharosa kahiye,
Teree har baat par aameen kaha hamane...!
(Emotional Shayari)

होठों की मुस्कुराहट को ज़िन्दगी न समझ,
दिल मैं उतर के देख कितने टूटे हुवे है हम..!
Emotional Shayari
Hooton ki mushkurahat ko zindagi na samajh,
Dil main utar ke dekh kitne toote huwe hai hum..!

सच्चे प्यार की गहराईयों को वैसे तो शब्दों में बयां करना नामुमकिन है। फिर भी शायरी के माध्यम से इसके थोड़ी बहुत नज़दीक तो जाया सकता है। और ऐसी शायरी को भी ऐसा दिल ही समझ सकता है जिसने कभी सच्चा प्यार किया हो और प्यार में दूरी का दर्द सहा हो वही इंसान ऐसी शायरियो की गहेरियों को समझ सकता है।

You will also love to read..


चुभते हुए ख्वाबों से कह दो अब आया ना करे,
हम तन्हा तसल्ली से रहते है बेकार उलझाया ना करे..!
Emotional Shayari
Chubhate hue khvaabon se kah do ab aaya na kare,
Ham tanha tasallee se rahate hai bekaar ulajhaaya na kare..!

मेरी ख़ामोशी के राज़ मुझे खुद मालूम नहीं,
न जाने क्यू ये लोग मुझे मगरूर कहते है..!
Emotional Shayari
Meri khamoshi ke raaz mujhe khud maloom nahi,
Na jane Q ye log mujhe magroor kehte hai..!

कितने किरदार थे उसके बता दूं क्या? हालते दिल तुमसे जता दूं क्या ?
और इस कदर कातिल उसकी निगाह जालिम, अगर ना बने दीवाना तो बोल दिखा दूं क्या?

Kitane kiradaar the usake bata doon kya? haalate dil tumase jata doon kya ?
aur is kadar kaatil usakee nigaah jaalim, agar na bane deevaana to bol dikha doon kya?

तू तो वो जालिम है जो दिल में रह कर भी मेरा न बन सका , ग़ालिब
और दिल वो काफिर, जो मुझ में रह कर भी तेरा हो गया..!

tu to vo jaalim hai jo dil mein rah kar bhee mera na ban saka , gaalib
aur dil vo kaaphir, jo mujh mein rah kar bhee tera ho gaya..!

मैं रोना चाहता हूँ ख़ूब रोना चाहता हूँ
फिर उसकी वाहो में गहरी नींद सोना चाहता हूँ मैं..!

main rona chaahata hoon khoob rona chaahata hoon
phir usakee vaaho mein gaharee neend sona chaahata hoon main..!

Dard Bhari Emotional Shayari

कोई ऐतराज़ नहीं है बिखरने से मुझको,
तुम अगर अपनी बाहों में संभालने की ज़हमत करो..!

Koi aitaraaz nahin hai bikharane se mujhako,
tum agar apanee baahon mein sambhaalane kee zahamat karo..!

कुछ फर्क था हम दोनों की मोहब्बत में,
उन्हें हमसे भी थी और हमें उनसे ही थी।

Kuchh phark tha ham donon kee mohabbat mein,
Unhen hamase bhee thee aur hamen unase hee thee.

ये लाली ये काजल ये जुल्फें भी खुली खुली,
तुम यूँ ही जान मांग लेती, इतना इंतजाम क्यूँ..!

Ye laalee ye kaajal ye julphen bhee khulee khulee,
Tum yoon hee jaan maang letee, itana intajaam kyoon..!

चलो ये इश्क़ नहीं चाहने की आदत है
कि क्या करें हमें दू्सरे की आदत है
तू अपनी शीशा-गरी का हुनर न कर ज़ाया
मैं आईना हूँ मुझे टूटने की आदत है..!

Chalo ye ishq nahin chaahane kee aadat hai
Ki kya karen hamen dusre kee aadat hai
Tu apanee sheesha-garee ka hunar na kar zaaya
Main aaeena hoon mujhe tootane kee aadat hai..!

दुआओं का काफ़िला चलता हैं मेरे साथ,
मुक़द्दर से कह दो अकेला नहीं हूँ मैं ।

Duaon ka kaafila chalata hain mere saath,
Muqaddar se kah do akela nahin hoon main .

कुछ खास नहीं इन हाथों की लकीरों में...
मगर आप हो तो एक लकीर ही काफी है...!!

Kuchh khaas nahin in haathon kee lakeeron mein...
Magar aap ho to ek lakeer hee kaaphee hai...!!

आज वो भी रो पड़ा मेरे हालात देखकर ..
जिसने कभी मुझे बर्बाद करने की कसम खाई थी..!

Aaj wo bhi ro pada mere halaat dekhar ..
jisne kabhi mujhe barbaad karne ki kasam khaai thi..!

अब टूट गया तो बबाल क्या करे ,
अब टूट गया दिल बबल क्या करे,
खुद ही पसंद किया था अब सवाल क्या करें..!

Ab toot gya to babal kya kre , ab toot gya dil babal kya kre,
Khud hi psnd kiya tha ab swal kya kren..!

अब तो निंदो का भी बटवारा हो चुका है,
कुछ तो मोबाइल के हिंसे आयी तो कुछ ख़्वाबो के हाथ आयी..!

Ab to nindo ka bhee batavaara ho chuka hai,
Kuchh to mobail ke hinse aayee to kuchh khvaabo ke haath aayee..!

हवा चुरा ले गयी मेरी शायरी की किताब
देखो आसमां पढ़ के रो रहा है बेहिसाब आज

hava chura le gayee meree shaayaree kee kitaab
dekho aasamaan padh ke ro raha hai behisaab aaj

Chahat Emotional Shayari


लबों से लफ्ज़ झड़े, आंख से नमी निकले,
किसी तरह तो मेरे दिल बे दिली निकले।
मै चाहता हूं परिंदे रिहा किये जाएं,
मै चाहता हूं तेरे होंठों से हसीं निकले।
मैं चाहता हूं कोई मुझसे बात करता रहे,
मै चाहता हूं अंदर की खामोशी निकले।
में चाहता हूं मुझे ताकचो में रखा जाए,
में चाहता हूं में जलूं और रोशनी निकले।
में चाहता हूं तेरे हिजर मै अजीब हो कुछ,
में चाहता हूं चारागो से तीर्गी निकले।
में चाहता हूं तुझे मुझसे इश्क़ हो जाए,
में चाहता हूं सहरा से जल परी निकले।
में चाहता हूं के मुझे कोई दर्द दान करे,
शादीद इतना के आंसुं हंसी खुशी निकले।

labon se laphz jhade, aankh se namee nikale,
kisee tarah to mere dil be dilee nikale.
mai chaahata hoon parinde riha kiye jaen,
mai chaahata hoon tere honthon se haseen nikale.
main chaahata hoon koee mujhase baat karata rahe,
mai chaahata hoon andar kee khaamoshee nikale.
mein chaahata hoon mujhe taakacho mein rakha jae,
mein chaahata hoon mein jaloon aur roshanee nikale.
mein chaahata hoon tere hijar mai ajeeb ho kuchh,
mein chaahata hoon chaaraago se teergee nikale.
mein chaahata hoon tujhe mujhase ishq ho jae,
mein chaahata hoon sahara se jal paree nikale.
mein chaahata hoon ke mujhe koee dard daan kare,
shaadeed itana ke aansun hansee khushee nikale...!


मर्दों ने हमेशा औरतों को अपनी शायरियों में खूबसूरत और हसीन लिखा..
लेकिन औरत ने जब भी लिखा
मर्द को निकम्मा ही लिखा..!

mardon ne hamesha auraton ko apanee shaayariyon mein khoobasoorat aur haseen likha..
lekin aurat ne jab bhee likha
mard ko nikamma hee likha..!

दो मुलाक़ात क्या हुई हमारी तुम्हारी,
निगरानी मे सारा शहर लग गया..!

do mulaaqaat kya huee hamaaree tumhaaree,
nigaraanee me saara shahar lag gaya..!

Love Emotional Shayari


सुना है तुम ले लेते हो हर बात का बदला,
आजमाएंगे कभी तुम्हारे लबो को चूम कर..!

suna hai tum le lete ho har baat ka badala,
aajamaenge kabhee tumhaare labo ko choom kar..!

लाजिमी नहीं की आपको आँखों से ही देखूं,
आपको सोचना आपके दीदार से कम नहीं.

laajimee nahin kee aapako aankhon se hee dekhoon,
aapako sochana aapake deedaar se kam nahin

इस सर्द हवाओं की फितरत भी तुम सा ही है,
जब भी आती है बदन में कम्पन छोड़ जाती है..!

Is Sard hawawon ki fitrat bhi tum saa hi hai,
Jab bhi aati hai badan me kampan chhod jati hai..!

ख़याल इन्ही के आता है जिन से दिल का रिश्ता साफ रहता है,
हर शख्स अपना हो जाये सवाल ही पैदा नहीं होता..!

Khayaal inhi ke aata hai jin se dil ka rishta saaf rehta hai,
Har shaks apna ho jaye sawaal hi paida nahi hota..!

उसके ईश्क में ख़ुद से कुछ इस कदर दगा कर बैठे हैं,
वो हमें इक नज़र तक नहीं देखते और हम उन्हीं से दिल लगा कर बैठें हैं।

usake eeshk mein khud se kuchh is kadar daga kar baithe hain,
vo hamen ik nazar tak nahin dekhate aur ham unheen se dil laga kar baithen hain.

कुछ तो बात है तेरी इन मदहोश आंखों में,
वर्ना ऐ यार मैं कोई मयकश तो नहीं.!
चेहरा तेरा है जैसे कि खिलता हुआ गुलाब,
इस जहां में तुझसा कोई दिलकश तो नहीं..!
गुनगुना उठता हूं तुझे देख मैं भी ग़ज़ल कोई,
क्या कहूं यूं तो मैं भी कोई शायर तो नहीं..!
चाहने वाले तेरे यूं तो कई और भी होंगे सनम,
सच कहूं तो आशिक कोई हमसा तो नहीं..!

kuchh to baat hai teree in madahosh aankhon mein,
varna ai yaar main koee mayakash to nahin.!
chehara tera hai jaise ki khilata hua gulaab,
is jahaan mein tujhasa koee dilakash to nahin..!
gunaguna uthata hoon tujhe dekh main bhee gazal koee,
kya kahoon yoon to main bhee koee shaayar to nahin..!
chaahane vaale tere yoon to kaee aur bhee honge sanam,
sach kahoon to aashik koee hamasa to nahin..!

ना तुमको खबर हुई ना ज़माना समझ सका,
हम चुपके-चुपके तुम पे कई बार मर गए..!

na tumako khabar huee na zamaana samajh saka,
ham chupake-chupake tum pe kaee baar mar gae..!

ना किया कर अपने दर्द को शायरी में बयान ऐ दिल,
कुछ लोग टूट जाते हैं इसे अपनी दास्तान समझकर..!

na kiya kar apane dard ko shaayaree mein bayaan ai dil,
kuchh log toot jaate hain ise apanee daastaan samajhakar..!

इतना ज़हर पिला दो कि सांस तक रुक जाये मेरी,
सुना है सांस रुक जाने पर रूठे हुए भी देखने आते हैं..!

Itna zahar pila do ki saans tak ruk jaye meri,
Suna hai saans ruk jane par roothe huye bhi dekhne aate hain..!

मैं अपने गांव लौटा तो, वही मंज़र.. पुराना था,
कई लोगो से मिलना था, कई क़ब्रों पे जाना था..!

Mai apne gaon lauta to, wahi manzar.. purana tha,
Kai logo se milna tha, Kai kabron pe jana tha..!

सांस रुक जाए मगर आंखें कभी बंद न हो,
मौत आए भी तो तुझे देखने की जिद खत्म न हो..!

Saans ruk jae magar aankhen kabhee band na ho,
maut aae bhee to tujhe dekhane kee jid khatm na ho..!

तलब मौत की करना गुनाह है ज़माने में,
गर मरने का शोक है तो, मोहोब्बत क्यों नहीं करते..!

Talab maut ki karna gunah hai zamane me,
Gar marne ka shok hai to, Mohobbat kyon nahi karte..!

सज़दों के बदले फिरदोस चाहता है,
कितना नादाँ है, इश्क़ में भी होश चाहता है..!

Sazdon ke badle firdos chahta hai,
Kitna nadan hai, isq me bhi hosh chahata hai..!

ये भी मुमकिन है कि लौट न सकूँ कभी,
ये भी जायज़ है की तुम इंतज़ार न करो..!

Ye bhi mumkin hai ki laut na sakun kabhi,
Ye bhi jayaz hai ki tum intzaar na karo..!

Very Emotional Shayari


बहुत जल्दी में थे लोग एक शहर में,
छोड़ कर चल दिए एक रात अकेली शहर में..!

Bahut zaldi me the log ek shahar me,
Chhod kar chal diye ek rat akeli shahar me..!

जिस नजाकत से ये लहरे पैरों को छूती हं,
यकीन नहीं होता इन्होने, कभी कश्तियां डुबोई होगी..!

Jis nazakat se ye lahere pairon ko chhuti hn,
Yakeen nahi hota inhone, kabhi kashtiyan duboi hogi..!

हुस्न का क्या काम सच्ची मोहब्बत में,
रंग साँवला भी हो तो यार क़ातिल लगता है..!

Husn ka kya kam sachee mohobbat me,
Rang saanwla bhi ho to yaar qaatil lagta hai..!

एक तिल का पहरा भी जरूरी है लबो के आसपास,
मुझे डर है कहीं तेरी मुस्कुराहट को कोई नज़र न लगा दे..!

Ek til ka pahara bhee jarooree hai labo ke aasapaas,
mujhe dar hai kaheen teree muskuraahat ko koee nazar na laga de..!

कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम,
पर म जनता हूँ,
असली निखार मेरी तारीफ़ से ही अत है..!

Kitni hi khoobsurat kyo na ho tum,
Par mai janta hun,
Asli nikhar meri taarif se hi ata hai..!

दीवाना गर हँसता है तो हंसने दो,
कमबख्त तन्हाई में रोया बहुत होगा..!

Diwaana gar hansta hai to hansne do,
Kambakht tanhai me roaya bahut hoga..!

इसक चख लिया था इत्तेफाक से,
जबान पर आज भी दर्द के छाले हैं..!

Isq chakh liya tha ittefaq se,
Jaban par aaj bhi dard ke chhale hain..!

तारीफ़ करता था मैं उसकी जुल्फों की,
 मेरे लफ़्ज कम पड़ गये जब उसने साड़ी पहन ली..!

taareef karata tha main usakee julphon kee,
 mere lafj kam pad gaye jab usane sari pahan lee..!

मैं ना भी रहूँ तो मेरी रूह वफा करेगी तुमसे,
ये मत समझना तुम्हें चाहा था जिंदा रहने तक..!

main na bhee rahoon to meree rooh vapha karegee tumase,
ye mat samajhana tumhen chaaha tha jinda rahane tak..!

मैं तुम्हारी कुछ मिसाल तो दे दूँ मगर जानां,
जुल्म ये है कि बे-मिसाल हो तुम..!

main tumhaaree kuchh misaal to de doon magar jaanaan,
julm ye hai ki be-misaal ho tum..!

जब मैं कहता हूँ, मुझे ज़रूरत नहीं तुम्हारी,
ठहर जाया करो उस पल सख्त ज़रूरत होती है तुम्हारी..!

Jab mai kaheta hun, mujhe zarurat nahi tumhari,
Thaher jaya karo us pal sakht zarurat hoti hai tumhari..!

कब तक आंखों में कचरा जाने का बहन करूँ,
लो आज सरे आम कहता हूँ तुम्हे याद कर के रोता हूँ..!

Kab tak aankhon mein kachara jaane ka bahan karoon,
Lo aaj sare aam kahata hoon tumhe yaad kar ke rota hoon..!

आ भी जाओ मेरी आँखों के रूबरू अब तुम,
कितना ख्वावों में तुझे और तलाशा जाए।

Aa bhee jao meree aankhon ke roobaroo ab tum,
kitana khvaavon mein tujhe aur talaasha jae...!

Yaad Very Emotional Shayari


रख लो दिल में संभाल कर थोड़ी सी यादें हमारी........
रह जाओगे जब तन्हा बहुत काम आयेंगे हम....।।

Aakh lo dil mein sambhaal kar thodee see yaaden hamaaree........
rah jaoge jab tanha bahut kaam aayenge ham......


याद नहीं क्या क्या देखा था सारे मंजर भुल गये,
उसकी गलियों से जब गुजरे अपना भी घर भुल गये..!

Yaad nahin kya kya dekha tha saare manjar bhul gaye,
usakee galiyon se jab gujare apana bhee ghar bhul gaye..!


Emotional Poetery

फूल फेंका पर मुझे पत्थर लगा,
आज पहली बार मुझे डर लगा।।
phool phenka par mujhe patthar laga,
aaj pahalee baar mujhe dar laga..

बरसों से रहते आया आज मुझे,
गांव से माँ को लाया तो घर लगा।।
barason se rahate aaya aaj mujhe,
gaanv se maan ko laaya to ghar laga..

देखा छत पे कबूतर  उड़ाते हुए,
वो हसीन,कातिल, दिलवर लगा।।
dekha chhat pe kabootar  udaate hue,
vo haseen,kaatil, dilavar laga..

पीसा गया हूँ मैं बहुत तब जाकर,
तेरी  आँखो में यूँ ये काजर लगा।।
peesa gaya hoon main bahut tab jaakar,
teree  aankho mein yoon ye kaajar laga..

सर-ए-बाजार बेपरदा हीरोइने ये,
मजबूर तवायफ से हमें बद्दतर लगा।।
sar-e-baajaar beparada heeroine ye,
majaboor tavaayaph se hamen baddatar laga..

चंद पैसे कमाने की खातिर मेरा,
दांव पे अब तो गांव, घर,मग़र,लगा।।
chand paise kamaane kee khaatir mera,
daanv pe ab to gaanv, ghar,magar,laga..

गजलें कहना आसान नही केवल,
इनमें काफिया,रदीफ़,बहर, लगा।।
gajalen kahana aasaan nahee keval,
inamen kaaphiya,radeef,bahar, laga..

परिंदो को उड़ जाने तो दे इंसान,
काट रखे तूने फिर से वो पर लगा।।
parindo ko ud jaane to de insaan,
kaat rakhe toone phir se vo par laga..

कारण उनको तो कुछ पता ही नही,
दंगो में  जिनके  हाथ पत्थर  लगा।।
kaaran unako to kuchh pata hee nahee,
dango mein  jinake  haath patthar  laga..

दूरियां नजदीकियों में तब्दील हों रब,
न फैसले में देरी नही उमर लगा ।।
dooriyaan najadeekiyon mein tabdeel hon rab,
na phaisale mein deree nahee umar laga ..

"केवल" मौजूद हम रौशनी के लिए,
दिल के अंधेरे में उसे न खबर  लगा।।
"keval" maujood ham raushanee ke lie,
dil ke andhere mein use na khabar  laga..

1 टिप्पणी: